बिलासपुर | Bilaspur के रतनपुर थाना में जो हुआ, उसने पूरे सिस्टम को कठघरे में खड़ा कर दिया है। फरियादी के साथ कथित मारपीट का VIDEO सामने आने के बाद बवाल मच गया है। आरोप है कि एएसआई ने एक-दो नहीं, बल्कि 15 से 20 थप्पड़ मारने लगे, और यह सब थाना परिसर के भीतर होता रहा।
रिपोर्ट के नाम पर पैसे… फिर बरसाए ‘15 से 20 थप्पड़’
पीड़ित विनोद जायसवाल कई दिनों से अपने परिवाद की जांच रिपोर्ट के लिए थाने के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि एएसआई दिनेश तिवारी ने रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर पैसे भी लिए। लेकिन जब पीड़ित ने सवाल उठाया—“पैसे लेने के बाद भी काम क्यों नहीं?”, तो एएसआई बौखला गए और पैसे लेने के बाद ही 15 से 20 थप्पड़ मारने लगे।
थाने में गूंजे थप्पड़, मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, फरियादी पर लगातार 15 से 20 थप्पड़ बरसाए गए, और उनकी आवाजें पूरे थाने में गूंजती रहीं। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए—क्योंकि यह सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि वर्दी की मर्यादा पर सीधा वार था।
VIDEO वायरल—सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
घटना का VIDEO सामने आने के बाद मामला और भड़क गया है। वीडियो में भी कथित तौर पर वही दृश्य नजर आता है, जहां फरियादी पर 15 से 20 थप्पड़ बरसते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
IPS अंशिका जैन का हस्तक्षेप, तब जाकर थमा मामला
इसी दौरान शोर सुनकर थाना प्रभारी, प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तत्काल हस्तक्षेप कर आरोपी एएसआई को फटकार लगाई और स्थिति को काबू में किया। लेकिन तब तक 15 से 20 थप्पड़ों वाला यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन चुका था।
FIR के बाद सस्पेंशन—लेकिन क्या इतना काफी?
पीड़ित की शिकायत पर आरोपी एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। वहीं पुलिस कप्तान ने सख्त कदम उठाते हुए एएसआई दिनेश तिवारी को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया था ।
पैसे लेकर मारपीट के आरोप: एसएसपी रजनेश सिंह की कार्रवाई पर टिकी नजरें
अब पूरे मामले में नजरें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अगले कदम पर टिकी हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत एएसआई को निलंबित किया जा चुका है, लेकिन VIDEO वायरल होने और पैसे लेने के बाद ‘15 से 20 थप्पड़’ मारने के गंभीर आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। पुलिस महकमे में चर्चा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय जांच को और तेज किया जा सकता है। यदि आरोप साबित होते हैं, तो मामला केवल सस्पेंशन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी पहलुओं पर भी पुलिस आगे बढ़ सकती है। अब देखना यह होगा कि एसएसपी इस प्रकरण में कितनी सख्ती के साथ उदाहरणात्मक कार्रवाई करते हैं।
सबसे बड़ा सवाल—क्या ‘15 से 20 थप्पड़ों’ पर खत्म होगी कार्रवाई?
अब सवाल सीधा है—पैसे लेने के बाद 15 से 20 थप्पड़ मारने लगे जैसी यह घटना क्या सिर्फ सस्पेंशन तक सीमित रहेगी, या फिर इस पूरे मामले में गहराई से जांच कर सख्त और उदाहरणीय कार्रवाई की जाएगी?
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